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गुरुवार, 24 नवंबर 2011

Sujan Kavi


प्रेम एक महान शक्ति है जिसे हम प्रतिदिन प्रयोग में लाते हैं लेकिन हम उसकी आदत में हैं इसलिये उसका आभास प्रतिक्षण नहीं कर पाते. और हमें लगता है कि हम प्रेम रहित हैं और भटकाव में रहते हैं जबकि ऐसा नही है मानव को एक भी हादसा द्रवित करता है उसका कारण यही है कि हादसे रोज नहीं होते. इसलिये मानव को ऐसे हादसों की आदत नहीं थी. लेकिन आज के माहौल में आप देख सकते हैं कि समाचार पत्र में रोज हादसे,कत्ल,बलात्कार की खबरें आती रहती हैं लेकिन मानव अब पहले जैसा भयभीत नहीं होता कारण यही है कि रोज की किसी कार्य की आदत हमें ऐसी बना देती है कि हम उस कार्य को साधारँ जानने लगते हैं..

यदि हम ऊपर्युक्त उदहारण को समझ पाते हैं तो प्रेम की ताकत को भी आसानी से समझ पायेंगे. क्योंकि प्रेम प्रतिदिन हम माता-पिता, चाचा-ताऊ या प्रेमी से प्राप्त करते रहते हैं,यदि किसी का प्रेमी दगा दे जाये तो उसका आघात हमें व्यथित कर देता है

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