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रविवार, 4 दिसंबर 2011

एच पाण्डेय उर्फ़ हवलदार पाण्डेय मीडिया का पुराना चावल है

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एच पाण्डेय उर्फ़ हवलदार पाण्डेय मीडिया का पुराना चावल है उसके काम का स्टाइल बड़ा निराला है कहने वाले कहते है हर बंदा एच पाण्डेय नहीं बन सकता है | वह अपनी मासिक पत्रिका Samachar Bureau निकालता है जो साल में मुश्किल से चार बार ही छपती है किसी भी बुक स्टाल पर पत्रिका नजर नहीं आएगी | एक बार बड़ी मुश्किल से Samachar Bureau के दर्शन हुए थे | इनका ऑफिस लक्ष्मी नगर में है जो काफी पुराना है | बड़े बड़े अधिकारों को हड़का के पैसे वसूलने का धंधा काफी पुराना है | फ़ोन करने का काम एच पाण्डेय का बेटा राकेश पाण्डेय करता है पैसे उघाने के लिए अपनी टीम बना रखी ,उस ज़माने में वह अपने लडको २५०० से लेकर ३५०० रूपये और आने जाने का खर्च और खाना दिया करता था | ऑफिस में मस्त मस्त लडकिया रख रखी थी जो समय समय पर पैसा बसूलने भेज दी जाती थी | नहीं तो पाण्डेय जी बंद केबिन में मन बहलाती थी यह काम उनका बड़ा बेटा करता था मगर अब इसकी बागडोर उसके छोटे बेटे के हाथ में है | Read full storywww.sakshatkar.com
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यशवंत सिंह का खबर छपने के बाद दिया गया फेसबुक पर कमेन्ट-

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यशवंत सिंह का खबर छपने के बाद दिया गया फेसबुक पर कमेन्ट------
स्वागत है इस खबर का... वैसे तो जवाब देने की जरूरत नहीं. लेकिन मैं इसका जवाब जरूर दूंगा क्योंकि ऐसे मुद्दे मुझे कई ऐसी बातें बताने को प्रेरित करते हैं जो मेरे जैसे खुद का काम करने की कोशिश कर रहे किसी पत्रकार के जीवन-करियर में पेश आते हैं, ताकि बाकी साथियों को कुछ समझने-सीखने को मिल सके. गंगवार जी का आभार कि उन्होंने अपनी बात कहने का हिम्मत किया | 
यह ऊपर यशवंत सिंह ने फेस बुक पर लिखा था ---
भाई यशवंत सिंह जितने बड़े पत्रकार है उतना बड़ा दिल है| यह ही उनकी सफलता का राज हो सकता है | हर इन्सान को सच को स्वीकार करना चाहिए | जो सच था वह लिख दिया | क्या पेड़ न्यूज़ को विज्ञापन में बदल देना चाहिए | अभी पिक्चर तो बाकी है मेरे दोस्त | आपकी क्या प्रतिक्रिया है हमें लिख भेजे | www.sakshatkar.com

मीडिया की खबर छापने का सिलसिला

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मीडिया की खबर छापने का सिलसिला Exchange ४ Media .com और समाचार ४ मीडिया डाट कॉम ने शुरू किया फिर इसी की धुन में अपनी धुन सुनाने की जुगत और मीडिया को उजागर करने का मकसद लेकर मीडिया खबर.डाट .कॉम और भडास ४ मीडिया डाट .कॉम शुरू हुए | जो लोग मीडिया के खिलाफ जम कर छापते है वह कितने दूध के धुले है ? ये सबसे बड़ा सवाल है | कैसे चलता है इनके मीडिया की खबरों का काला कारोबार ? क्या ये लोग बड़े मीडिया घरानों के स्टिंग और बसूली करते है | जब साक्षात्कार डाट काम के संपादक सुशील गंगवार ने भड़ास ४ मीडिया डाट .कॉम के मालिक यशवंत सिंह को फ़ोन करके बोला, भाई मैंने एक नयी साईट बॉलीवुड खबर.कॉम शुरुआत की है जरा भडास ४ मीडिया डाट .कॉम पर न्यूज़ लगा दो, तो यशवंत सिंह बोले यार हम क्या चूतिया है जो तुम्हारी खबर लगा दे तुम माल छापो ? पहले तुम मुझे पैसा दो फिर मै न्यूज़ लगा सकता हु | मै बोला भाई ये बताओ कितना पैसा दिया जाये | इस पर यशवंत सिंह बोले की तुम कम से कम ५०००/- दान करो |मै समझ चुका था भड़ास ४ मीडिया डाट .कॉम पेड़ न्यूज़ का धंधा कर रहा है | Read more story www.sakshatkar.com

जब पत्रकार लड़की का दलाल बन गया ?------

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जब पत्रकार लड़की का दलाल बन गया ?------
सच्चाई हमेशा कडुवी होती है उसे स्वीकार कर लेना चाहिए नहीं तो जिन्दगी भर दम घुटता रहता है पत्रकारिता के ११ साल के दौर में असली और फर्जी पत्रकारों से पाला पड़ा | जब पत्रकारिता शुरू की थी तो बड़ा मजा आता था | सच लिखने से कतराता था , परन्तु पत्रकारिता का स्वरूप बदल चुका है | पत्रकार अपना धंधा चमकाने के लिए सारे टोने टोटके अजमा रहे है | फिर मै सच क्यों नहीं लिखू ?
सिलेंडर डोने वाला पत्रकार बना गया तो थोडा सा अजीव लगा | पूरी रात नीद नहीं आयी थी | मेरे बड़े भाई सुनील गंगवार की मौत के बाद मुंबई से डेल्ही पंहुचा मुझे खबर १५ दिन बाद घरवालो ने सूचना दी थी | मेरा करियर कही भटक न जाये इसलिए नहीं बुलाया गया था. | मै बड़े भाई के दिल के करीव था |जब मै अपने शहर जाकर डेल्ही लौटा तो मुझे संजय तिवारी का कॉल आया गंगवार जी मै आपके दर्शन करना चाहता हु | आप हमारे ऑफिस में आ जाये | मै भी थोडा सा निराश था | उनके ऑफिस कम घर मयूर विहार फेस बन में पंहुचा तो देखा की दीवार पर बड़े -बड़े लोगो के साथ संजय तिवारी उजाला ( उजाला न्यूज़ डाट कॉम ) उर्फ़ तिरंगा न्यूज़ डाट.कॉम के फोटो लगे थे | जिसमे एक फोटो तहलका के मालिक तरुण तेज पाल के साथ लगा था | मै बोला यार तरुण जी के साथ तुम कैसे ? Read more story www.sakshatkar.com

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Samachar Bureau पत्रिका का घिनोना चेहरा ?

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Samachar Bureau पत्रिका का घिनोना चेहरा ?-----------------------------एच पाण्डेय उर्फ़ हवलदार पाण्डेय मीडिया का पुराना चावल है उसके काम का स्टाइल बड़ा निराला है कहने वाले कहते है हर बंदा एच पाण्डेय नहीं बन सकता है | वह अपनी मासिक पत्रिका Samachar Bureau निकालता है जो साल में मुश्किल से चार बार ही छपती है किसी भी बुक स्टाल पर पत्रिका नजर नहीं आएगी | एक बार बड़ी मुश्किल से Samachar Bureau के दर्शन हुए थे | इनका ऑफिस लक्ष्मी नगर में है जो काफी पुराना है | बड़े बड़े अधिकारों को हड़का के पैसे वसूलने का धंधा काफी पुराना है | फ़ोन करने का काम एच पाण्डेय का बेटा राकेश पाण्डेय करता है Read full story www.sakshatkar.com

गुरुवार, 1 दिसंबर 2011

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पैसे की बन्दर बाट का खेल मीडिया में थमा नहीं बल्कि जोरो पर चल रहा है ? कल तक झोला ले कर पत्रकारिता करने वाले पत्रकार जमकर माल बना रहे है | ब्लैक मैलिंग पत्रकरिता में माय बाप बन गई है | कभी लड़की की दलाली , कभी भाई की दलाली , कभी नेता की दलाली , कभी बाबा की दलाली , कभी मॉडल और फिल्म स्टार की दलाली ?

भाई दलाली में पैसा बहुत है मगर ये सबके बस की बात नहीं ? इसके लिए सही दिमाग और सही मौका चाहिए | किसी ने कहा जब लोहा गरम हो तभी हथोडा मारो तो मजा आता है न्यूज़ पोर्टल भी माल बनाने में दिन रात लगे हुए है | तुम खबर लिखो , वह थाने जाके रपट लिखाएगी और मै हड़का के वसूली करुगा फिर पैसा आधा आधा बाट लेगे ? बुरा न मानो हम तो नाम भी आगे लिखेगे ? Read more www.sakshatkar.com

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