vartabook.com : varta.tv

.

Facebook Par ugla huaa padhe - Charchamanch me

.

रविवार, 4 दिसंबर 2011

जब पत्रकार लड़की का दलाल बन गया ?------

जब पत्रकार लड़की का दलाल बन गया ?------
सच्चाई हमेशा कडुवी होती है उसे स्वीकार कर लेना चाहिए नहीं तो जिन्दगी भर दम घुटता रहता है पत्रकारिता के ११ साल के दौर में असली और फर्जी पत्रकारों से पाला पड़ा | जब पत्रकारिता शुरू की थी तो बड़ा मजा आता था | सच लिखने से कतराता था , परन्तु पत्रकारिता का स्वरूप बदल चुका है | पत्रकार अपना धंधा चमकाने के लिए सारे टोने टोटके अजमा रहे है | फिर मै सच क्यों नहीं लिखू ?
सिलेंडर डोने वाला पत्रकार बना गया तो थोडा सा अजीव लगा | पूरी रात नीद नहीं आयी थी | मेरे बड़े भाई सुनील गंगवार की मौत के बाद मुंबई से डेल्ही पंहुचा मुझे खबर १५ दिन बाद घरवालो ने सूचना दी थी | मेरा करियर कही भटक न जाये इसलिए नहीं बुलाया गया था. | मै बड़े भाई के दिल के करीव था |जब मै अपने शहर जाकर डेल्ही लौटा तो मुझे संजय तिवारी का कॉल आया गंगवार जी मै आपके दर्शन करना चाहता हु | आप हमारे ऑफिस में आ जाये | मै भी थोडा सा निराश था | उनके ऑफिस कम घर मयूर विहार फेस बन में पंहुचा तो देखा की दीवार पर बड़े -बड़े लोगो के साथ संजय तिवारी उजाला ( उजाला न्यूज़ डाट कॉम ) उर्फ़ तिरंगा न्यूज़ डाट.कॉम के फोटो लगे थे | जिसमे एक फोटो तहलका के मालिक तरुण तेज पाल के साथ लगा था | मै बोला यार तरुण जी के साथ तुम कैसे ? Read more story www.sakshatkar.com

 sabhar :http://www.sakshatkar.com/

0 टिप्पणियाँ:

एक टिप्पणी भेजें

Read by Name